1941 मे बिलासपुर एयरपोर्ट का निर्माण royal Airforce ने किया था इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो साल 1942 में इसे छोटी हवाई पट्टी के रूप में जगह मिल गई थी. बाद में लगातार यहां विकास होते रहे. जानकारी के अनुसार, साल 1945 में वायु सेना स्टेशन में जंगल युद्ध में छिटपुट ग्लाइडर प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम यहां चलाए जाते रहे हैं. बाद में छत्तीसगढ़ के अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आने के बाद बिलासपुर दूसरे सबसे बड़े शहर के रूप में सामने आया
यह छत्तीसगढ का सबसे पुराना एयरपोर्ट है
01 अप्रैल 1955 भारतीय विमान प्राधिकरण की स्थापना हुई तद उपरान्त नागर विमानन से संबंधित सभी भूमि इसके अन्तर्गत आ गई
1988 मे एक बार फिर वायुदूत की सेवा शुरू हुई
बिलासपुर को मुंबई, औरंगाबाद, नागपुर और रायपुर से जोडा गया था
31/03/1985 के land validation records के अनुसार
DGCA ने staff क्वाटर और रोड के लिए 352 एकड जमीन 25240 रूपये मे WAR Department से ली।
352 एकड जमीन 2010 मे राज्य सरकार ने Airport Authority of India के नाम कर दिया
गया तत्पश्चात राज्य सरकार ने 2011 मे यह जमीन कैन्सल कर दी
RTI मे यह सूचित किया जाता है कि बिलासपुर हवाई अड्डे की 387 एकड़ भूमि DGCA / भारत सरकार / AAI (भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण) की है। AAI के अनुरोध पर छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा 27 अक्टूबर, 2010 को उक्त भूमि का नामांतरण (mutation) AAI के नाम पर किया गया था, और इसके बाद राज्य सरकार द्वारा नवंबर, 2011 में उक्त नामांतरण को रद्द कर दिया गया था। AAI ने उक्त भूमि को पुनः AAI के नाम पर नामांतरित करने के लिए राज्य सरकार के समक्ष प्रयास किया है, जबकि राज्य सरकार ने 6 जुलाई, 2019 को AAI के पक्ष में भूमि का पुनः नामांतरण करने से इनकार कर दिया है (अतिरिक्त कलेक्टर बिलासपुर, छत्तीसगढ़ राज्य के पत्र की प्रति संलग्न है)।
2019 के मीटिंग मे बिलासपुर एयरपोर्ट फिर से Airport Authority of India के नाम करने सहमति बनी पर राज्य सरकार ने अब तक बिलासपुर एयरपोर्ट Airport Authority of India को सौपने का निर्णय नही लिया
आखिर कार मार्च 2021 मे पहली उडान शुरू हुई
4 जून 2022 को भोपाल फ्लाइट शुरू हुई
03 अक्टूबर 2022 से इन्दौर की फ्लाइट चालू हुई
पर क्यो अब तक बिलासपुर एयरपोर्ट भव्य 4C एयरपोर्ट से वंचित है ???
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